रेल किराए में बढ़ोत्तरी के साथ साथ रेलवे के निजीकरण व निगमीकरण के विरोध में आज राजस्थान के अजमेर में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के बैनर तले अजमेर मंडल कार्यालय पर भारत सरकार व रेल मंत्री का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया गया। यूनियन के बड़ी संख्या में लोग लाल झंडे, बैनर व तख्तियां लेकर मंडल कार्यालय पहुंचे और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रेल मंत्री का पुतला फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
यूनियन के सचिव अरुण गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार कदम-दर-कदम भारतीय रेल के खिलाफ निर्णय ले रही है जिसे यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी। रेलवे के कर्मचारियों ने जिस तरह से अतीत से आज तक मेहनत कर रेलवे को ऊंचाइयां दी। सरकार ठीक इसके खिलाफ निजीकरण व निगमीकरण कर रेल कर्मचारियों के खिलाफ कदम बढ़ा रही है। हम सरकार को चेतावनी देते है कि यदि उन्होंने अपने फैसलों से कदम वापस नहीं खींचे तो इस नये साल 2020 में किसी भी वक्त रेलों का चक्का जाम करने का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार रेल कर्मियों के खिलाफ जो कदम उठा रही है उससे मजबूर होकर रेल कर्मियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जाना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेवारी भारत सरकार और रेल मंत्रालय की होगी।
श्री गुप्ता ने रेलवे बोर्ड विघटन के प्रयासों की भी घोर निंदा की तथा रेल किराया बढ़ाने को भी जायज नहीं ठहराया। आज के प्रदर्शन में ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में रेल कर्मी उपस्थित रहे और पुतला फूंका जाने के बाद उस अग्नि से अलाव तापते भी नजर आए।